पेश है एक मजेदार किस्सा…..


पेश है एक मजेदार किस्सा !

एक बार की बात है कि गुप्ताजी, एक
मारवाड़ी (बनिये) के यहां शादी में गए।

शादी का पंडाल बड़ा भव्य था और उसमें अंदर जाने के लिए 2 दरवाजे थे।

एक दरवाजे पर रिश्तेदार, दूसरे पर दोस्त लिखा था।
गुप्ताजी, बड़े फख्र से दोस्त वाले दरवाजे से अंदर गए।

आगे फिर 2 दरवाजे थे,
एक पर महिला, दूसरे पर पुरुष लिखा था।
गुप्ताजी पुरुष वाले दरवाजे से अंदर गए।

वहां भी 2 दरवाजे और थे,
एक पर गिफ्ट (gift) देने वाला,
दूसरे पर बिना गिफ्ट (without-gift) वाले लिखा था।

गुप्ताजी को हर बार अपनी
मर्जी के दरवाजे से अंदर जाने में बड़ा मजा आ रहा था|

उसने ऐसा इंतजाम पहली बार देखा था |
गुप्ताजी बिना-गिफ्ट वाले दरवाजे से अंदर चले गए।

जब अंदर जाकर देखा तो गुप्ताजी बाहर गली में खड़े थे।
और वहॉं लिखा था… शर्म तो आ नहीं रही होगी,
बनिये की शादी और मुफ्त में रोटी खायेगा???
जा-जा बाहर जा और हवा खा..!!



Source link

قالب وردپرس

Loading...
  • Leave Comments